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EXCLUSIVE EXPOSE: “स्मार्ट सिटी” सहारनपुर सांडों के हवाले — सड़कों पर मौत का खेल, जिम्मेदार कौन?

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के लगभग हर प्रमुख चौराहे, बाजार और मुख्य मार्ग पर आवारा पशुओं के झुंड बैठे रहते हैं।

🚨🐂 EXCLUSIVE EXPOSE: “स्मार्ट सिटी” सहारनपुर सांडों के हवाले — सड़कों पर मौत का खेल, जिम्मेदार कौन? ⚠️

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के दावे भले ही मंचों और फाइलों में गूंजते हों, लेकिन शहर की सड़कों पर हकीकत बेहद खौफनाक है। आवारा पशुओं, खासकर सांडों का आतंक इस कदर बढ़ चुका है कि लोग घर से निकलते समय जान की सलामती की दुआ करने लगे हैं। 😨

हाल ही में सामने आए एक वायरल वीडियो ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि एक बेकाबू सांड ने सड़क पर चल रहे रिक्शे को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे रिक्शा पलट गया और सवार लोग सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद सांड ने आसपास के लोगों को भी दौड़ा लिया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। 💥

❗ रोज़ का खतरा बन चुकी हैं शहर की सड़कें

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के लगभग हर प्रमुख चौराहे, बाजार और मुख्य मार्ग पर आवारा पशुओं के झुंड बैठे रहते हैं। कई बार ये पशु आपस में लड़ते हैं और राहगीरों को घायल कर देते हैं। दोपहिया वाहन चालक, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। 🛵

🏛️ नगर निगम के दावे बनाम जमीनी सच

नगर निगम द्वारा समय-समय पर अभियान चलाने और पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में भेजने के दावे किए जाते हैं, लेकिन हालात में कोई ठोस सुधार नजर नहीं आता। नागरिकों का आरोप है कि पकड़ो-छोड़ो की नीति के कारण कुछ दिनों बाद वही पशु फिर सड़कों पर दिखाई देने लगते हैं। 🤨

💰 करोड़ों खर्च, समाधान शून्य?

स्मार्ट सिटी, पशु नियंत्रण और गौशालाओं के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर में सुरक्षा का अभाव गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर यह पैसा कहां जा रहा है और स्थायी समाधान क्यों नहीं निकल पा रहा? 💸

🚑 हादसों की बढ़ती संख्या

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, आवारा पशुओं की वजह से होने वाली चोटों और दुर्घटनाओं के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। कई मामलों में गंभीर चोटें और मौत तक हो चुकी हैं, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। ⚠️

🗣️ जनता का गुस्सा — “किसी बड़े हादसे का इंतजार?”

लोगों का कहना है कि प्रशासन शायद किसी बड़ी जानलेवा घटना के बाद ही जागेगा। जब तक सख्त और स्थायी कार्रवाई नहीं होती, तब तक शहर की सड़कों पर यह “खुलेआम खतरा” बना रहेगा। 😡

👉 यह सिर्फ आवारा पशुओं का मुद्दा नहीं, बल्कि शहरी प्रबंधन, जवाबदेही और नागरिक सुरक्षा का सवाल है। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो “स्मार्ट सिटी” का सपना सांडों के आतंक के आगे बौना साबित होगा।

✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
ब्यूरो प्रमुख – हलचल इंडिया न्यूज़
ब्यूरो प्रमुख – दैनिक आशंका बुलेटिन, सहारनपुर

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